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काला पीलिया के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार
काला पीलिया के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार के लिठआपको कई जड़ी-बूटियों और अनà¥à¤¯ चीजों का सहारा लेना होगा. ये सà¤à¥€ आमतौर पर उपलबà¥à¤§ होते हैं इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना बेहद आसान है. तो आइठइसके बारे में जानें.
मूली का रस व पतà¥à¤¤à¥‡
मूली के हरे पतà¥à¤¤à¥‡ काला पीलिया में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होते है. यही नहीं मूली के रस में à¤à¥€ इतनी ताकत होती है कि यह खून और लीवर से अतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• बिलिरूबीन को निकाल सके. काला पीलिया या हेपेटाइटिस में रोगी को दिन में 2 से 3 गिलास मूली का रस जरà¥à¤° पीना चाहिये. या फिर इसके पतà¥à¤¤à¥‡ पीसकर उनका रस निकालकर व छानकर पीà¤à¤‚.
टमाटर का रस
टमाटर का रस, काला पीलिया में बेहद लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है. इसमें विटामिन सी पाया जाता है और यह लाइकोपीन जैसें à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट में पूरà¥à¤£ होता है. इसके रस में थोड़ा नमक और काली मिरà¥à¤š मिलाकर सेवन करने पर काफी लाठदेखने को मिलता है.
आंवला
आवंले में à¤à¥€ विटामिन सी पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है. कमालकी बात तो यह है कि, आप आमले को कचà¥â€à¤šà¤¾ या फिर सà¥à¤–ा कर खा सकते हैं. इसके अलावा जूस के रूप में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है.
नींबू या पाइनà¤à¤ªà¥â€à¤ªà¤² का जूस
नींबू के रस को पानी में निचोड़ कर पीने से पेट साफ होता है. इसे रोज खाली पेट सà¥à¤¬à¤¹ पीना काला पीलिया में सही होता है. इसके अवाला पाइनà¤à¤ªà¥â€à¤ªà¤² à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है. पाइनà¤à¤ªà¥â€à¤ªà¤² अंदर से पेट के सिसà¥â€à¤Ÿà¤® को साफ रखता है.
नीम
नीम में कई पà¥à¤°à¤•ार के वायरल विरोधी घटक पाठजाते हैं, जिस वजह से यह हेपेटाइटिस के इलाज में उपयोगी होता है. यह जिगर में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को नषà¥à¤Ÿ करने में à¤à¥€ सकà¥à¤·à¤£ होता है. इसकी पतà¥à¤¤à¤¯à¥‹à¤‚ के सर में शहद मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ पियें.
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल
अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ की छाल, बहà¥à¤¤ से लाà¤à¥‹à¤‚ के लिठजानी जाती है. यह दिल और मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को अचà¥à¤›à¤¾ बनाने में सहायक होती है. इसमें मौजूद à¤à¤²à¥à¤•लॉइड जिगर में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को विनियमित करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ रखता है. जो इसे हैपेटाइटिस के खिलाफ à¤à¤• मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ दवा बनाता है.
हलà¥à¤¦à¥€
देश के कà¥à¤› à¤à¤¾à¤—ों में, à¤à¤¸à¥€ à¤à¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है कि हलà¥à¤¦à¥€ का रंग पीला होता है, इसलिठकाला पीलिया के रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिà¤. हालांकि, यह à¤à¤• कमाल का à¤à¤‚टी-इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टी-माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ वाली तथा बढ़े हà¥à¤ लिवर नलिकाओं को हटाने वाली होती है. हलà¥à¤¦à¥€ हैपेटाइटिस के खिलाफ सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपायों में से à¤à¤• है.
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